अपनी कई मांगों को लेकर आज रायगढ़ के अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को राज्य शासन के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रदेश में 30,000 से अधिक अधिवक्ता बंधु विधि व्यवसाय में संलग्न हैं समाज का हमारा यह वर्ग कानून की रक्षार्थ अपना पूरा जीवन समर्पित करता है ऐसे मे उसकी रक्षा का दायित्व भी सरकार का होना चाहिए प्रत्येक अधिवक्ता अपने दायित्व का निर्वहन निर्भय होकर स्वतंत्रता पूर्वक करें और न्यायदान के महायज्ञ में पूरी गुणवत्ता के साथ भाग ले ताकि प्रदेश का लोक जीवन सुरक्षित और संपन्न हो सके इसे सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ताओं के सरंक्षण (सुरक्षा) हेतु संरक्षण अधिनियम लागू करना अत्यावश्यक है यह कार्य आपकी सरकार के प्राथमिकता मे है जिसका वादा आपने चुनाव पूर्व किया है लेकिन आपके द्वारा अभी तक पूरा नही करने से प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं मे रोश एवं निराशा व्याप्त है जबकि इस सुरक्षा अधिनियम मे अधिवक्ताओं को उनके कर्तव्य के निर्वहन करने से रोकने या उसमें बाधा पहुंचाने के लिए उन पर हमला करने, चोट पहुंचाने, धमकी देने इत्यादि को प्रतिबंधित करते हुए दंडित किए जाने और किसी भी सूचना को जबरन उजागर करने का दबाव देना, दबाव पुलिस अथवा किसी अन्य पदाधिकारी से दिलवाना, वकीलों को किसी केस में पैरवी करने से रोकना, वकील की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, किसी वकील के खिलाफ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करना जैसे कार्यों को अपराध की श्रेणी में रखा जाए ये सभी अपराध गैर जमानती अपराध हों और ऐसे अपराध के लिए 6 माह से 5 वर्ष की सजा के साथ-साथ दस लाख रुपये तक के जुर्माना का भी प्रावधान हो तथा मानसिक शारीरिक आर्थिक क्षति के लिए क्षतिपूर्ति का प्रावधान होना चाहिए इसके अतिरिक्त अधिवक्ता को जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा का भी प्रावधान हो तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के पूर्व अनुमित से ही किसी अधिवक्ता के खिलाफ पुलिस कार्यवाही हो अधिवक्ताओं को अधिवक्ता सुरक्षा कानून का संरक्षण प्रदान किया जावे और शीघ्र यह कानून लागू किया जावे!

 

प्रदेश में पिछले डेढ़ वर्षों से कोरोना महामारी के चलते हजारों अधिवक्ता और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं तथा लाखों रुपए के कर्ज में दब गए हैं ऐसी स्थिति में ऐसे प्रत्येक अनुमोदित अधिवक्ता को सम्मानजनक आर्थिक पैकेज की सहायता उपलब्ध कराई जावे एवं जिन अधिवक्ता एवं उनके परिवार कोरोना uकी बीमारी से ग्रसित हुएं है उसके मेडिकल खर्चे दिए जाएं एवं प्रत्येक कैजुअल्टी पर दस दस लाख रुपए अधिवक्ता या उसके परिवार को दिया जाए के संबंध में ज्ञापन दिया गया।
अतिरिक्त कलेक्टर श्री कुरुवंशी महोदय जी को,

महेन्द्र सिंह यादव प्रदेश कार्य समिति सदस्य बीजेपी विधि प्रकोष्ठ
सुनील था व ई त जिला संयोजक विधि प्रकोष्ठ रायगढ़
शरद कुमार पांडे
सह संयोजक विधि प्रकोष्ठ रायगढ़
सुमित रवलानी
सह संयोजक विधि प्रकोष्ठ रायगढ़, पंकज कंकरवाल पार्षद
एवम अन्य अधिवक्ताओं शकुंतला चौहान, संजय पंडा , सी एम् नामदेव, राज श्री अग्रवाल, महेश पटेल, अजित पटेल, सुशील पोद्दार,दीपक मोड़क,वंदना केसरवानी, हेमा भट्ट प्रदीप राठौर, गेंद सिंह चंद्रा, मुकेश साहू उपासना होता , शामिल हुए।

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