दो गुटों में बटी रायगढ़ कांग्रेस, एल्डरमेन के नामो की घोषणा से वरिष्ठ कांग्रेसीयो की नाराजगी खुलकर आई सामने।

 

आज 31 oct पूरे देश भर में इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि और सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई जा रही है, रायगढ़ में भी हर वर्ष कांग्रेसियों द्वारा इस दिन को स्वर्गीय इंदिरा गांधी और वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर मनाया जाता रहा है इस वर्ष भी कांग्रेसियों ने आज के दिन को श्रद्धांजलि देकर और उनकी शहादत को याद कर बड़े भावुकता के साथ मनाया, पर इस वर्ष रायगढ़ कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आकर दिखी।
एक तरफ जहां महापौर और नगर अध्यक्ष के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी में पुष्पांजलि अर्पित कर इस दिवस को मनाया गया तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की बी टीम ने इंदिरा नगर में स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नारेबाजी करते हुए मनाया।
जब ते रायगढ़ में एल्डरमैन की घोषणा हुई है तब से कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है कई नाराज वरिष्ठ कांग्रेसियों ने अब अपनी स्वयं की कांग्रेस की बी टीम तैयार कर ली है जो कि निश्चित तौर पर कहीं ना कहीं भविष्य में कांग्रेस को काफी नुकसानदायक होगा क्योंकि रायगढ़ में कांग्रेस का कब्जा होने का मुख्य कारण भाजपा की गुटबाजी रही है पर अब इस कांग्रेस की गुटबाजी का लाभ कहीं ना कहीं भाजपा को होने वाला है।
कांग्रेस को यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि उनकी सरकार बनने का मुख्य कारण भाजपा की गुटबाजी है पर रायगढ़ में अब कुछ अलग ही समीकरण बनते दिख रहे हैं जिस प्रकार से कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी अब खुलकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके कई मायने सामने आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं बात करें तो हम कांग्रेस की बी टीम की तो उनका आरोप है कि उन्हें सम्मान और पूछ परख नहीं मिलने के कारण आज उन्हें अलग से कार्यक्रम करना पड़ रहा है।
जब इंस विषय में हमने महापौर और नगर अध्यक्ष से चर्चा की तो उन्होंने किसी प्रकार की गुटबाजी से साफ इनकार किया और कहा कि कुछ आपसी मनमुटाव है जिसे बैठकर सुलझा लिया जाएगा पार्टी में किसी प्रकार की ए और बी टीम वाली कोई बात भी नहीं है।
पर वहीं दूसरी तरफ अलग से कार्यक्रम करके कुछ कांग्रेसियों ने दिखा दिया कि वे जिला कांग्रेस कमेटी से नाराज हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वयंभू कांग्रेसियों द्वारा कांग्रेस पार्टी को अपने स्वयं की पार्टी बनाकर चलाया जा रहा है और जो वरिष्ठ और कर्मठ कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं उन्हें दरकिनार किया जा रहा है।
अब भविष्य मैं देखना लाजमी होगा कि इस गुटबाजी का लाभ भाजपा को मिल पाता है या फिर कांग्रेश अपने घर के लड़ाई को घर के अंदर ही सुलझा लेती है पर कहीं ना कहीं आज कांग्रेसियों ने दो जगह अलग-अलग कार्यक्रम करके निश्चित तौर पर रायगढ़ भाजपा को एक मुद्दा दे दिया ह।