मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से स्वयं हुये सक्षम, अब दूसरों को दे रहे रोजगार।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से स्वयं हुये सक्षम, अब दूसरों को दे रहे रोजगार।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से स्वयं हुये सक्षम, अब दूसरों को दे रहे रोजगार

रायगढ़, 19 अगस्त2021/ हर शिक्षित नौजवान युवाओं के मन में होता है, पढ़-लिखकर शासकीय नौकरी करें। शासकीय नौकरी की आस में स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई किए और राज्य स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिता में भाग भी लिया पर परीक्षा में सफलता नहीं मिली। कुछ करने की चाह से युवक ने हार नही मानी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित होकर अब खुद सक्षम हुए अब दूसरों को भी रोजगार दे रहे है।
यह कर दिखाया सारंगढ़ के ग्राम टांडीपार निवासी रघुवंशमणी जायसवाल ने। जिन्होंने नौकरी की आस में लम्बे वर्षो तक परीक्षा के माध्यम से प्रयास करते रहे। मनचाही सफलता नहीं मिलने से थोड़ा हताश जरूर हो गए। ऐसे में उन्होंने खुद का कार्य प्रारंभ करना चाहा, कृषि कार्य से परिवार भरण-पोषण होता है। लिहाजा आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण मन में जो सपने थे वे टुटते दिखाई देने लगे। इसी बीच उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से लाभान्वित हितग्राही से मिले। इसके बाद उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र रायगढ़ में व्यक्तिगत संपर्क कर योजनान्तर्गत विस्तृत जानकारी प्राप्त कर मार्गदर्शन लिया।
पूर्णत: कृषि कार्य के माध्यम से जीवन-यापन करने वाले श्री जायसवाल को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 2 लाख 87 हजार की ऋण मिल गया। आज उनका खुद का सी.एस.सी.सेंटर है। सीएससी सेंटर के माध्यम से उन्होंने खुद तो रोजगार पाया, साथ ही रोजगार सृजनकर आज 2-3 लोगों को भी रोजगार भी दे रहे है। वर्तमान में रघुवंशमणी का व्यापार बढ़ चुका है, आज वह माह में 18-20 हजार रुपए आय प्राप्त कर रहे है। आय बढऩे से वे अपने परिवार के लिए काफी कुछ कर पा रहे है। एक व्यवसायी के तौर पर सामाजिक रूप से उनकी प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। जिससे वो खुश है और वह अन्य पढ़े-लिखे लोगों को भी प्रेरित कर रहे। श्री जायसवाल का कहना है कि नौकरी ही सफलता का प्रयाय नही होता लेकिन शिक्षित होना जरूरी है। मेहनत करते रहे, हिम्मत न हारे सफलता अवश्य मिलेगी। इसी बात से आप कह सकते है श्री रघुवंशमणी जायसवाल प्रतियोगिता परीक्षा में भले ही असफल हुए लेकिन जीवन की परीक्षा वे पास कर लिए। अब वो ऐसे अन्य शिक्षित लोगों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे जो जल्दी हार मान जाते है उन्हें मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहे है।

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