लोग क्यों कहते हैं मंजूल दीक्षित को रॉबिनहुड ?

बीती रात पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी 112 की चपेट में आने से जूट मिल भजन डीपा निवासी विमल दास महंत उम्र लगभग 38 वर्ष की मौत हो गई थी जिससे नाराज होकर आज मृतक के परिजन स्थानीय पार्षद के साथ एक करोड़ मुवावजे की मांग को लेकर जूट मिल चौकी के बाहर शव को रखकर धरने पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी भाजपा के कार्यकर्ताओं को लगी भाजपा जिलाध्यक्ष भी अपने दल बल के साथ चक्का जाम में पहुंचे और 1 करोड़ रूपए मुआवजे की मांग करने लगे मामला बिगड़ता देख तत्काल प्रशासन की ओर से एसडीएम और नयाब तहसीलदार मौके पर पहुंचे साथ ही पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीएसपी समेत सभी थानों की टीआई पूरे दलबल के साथ चक्का जाम स्थल पहुंचे काफी मान मनोबल के बाद लगभग 6 घंटे बाद अंततः परिवार जन और भाजपा एवं कांग्रेस के नेता नही माने।
तब एंट्री हुई रायगढ़ के रॉबिनहुड कहे जाने वाले मंजूल दीक्षित की और युवा नेता मंजुल दीक्षित ने किसी प्रकार की राजनीति न करते हुए मामले की संवेदना को समझते हुए तत्काल अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए परिवारजन को न केवल समझाया बल्कि उनकी आर्थिक मदद दी की। निश्चित तौर पर यदि इस तरह के नेता हर जगह हो तो किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति कहीं भी निर्मित नहीं होगी। तत्काल मुआवजा राशि ₹25000 का भुगतान शासन द्वारा किया गया और भविष्य में संभव मदद करने की बात की गई।

तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग यह भी बात करते हुए नजर आए कि भाजपा वाले जब कभी किसी उद्योग में किसी मजदूर की मौत हो जाती है तो वह मुवावजे की मांग क्यों नहीं करते।
और इससे पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हुई है वहां भाजपा नजर नहीं आई।

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