सीए सुनील अग्रवाल और संजय अग्रवाल के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठा ठेकेदार, दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप, निष्पक्ष जांच के बाद हो पाएगा खुलासा।

सीए सुनील अग्रवाल और संजय अग्रवाल के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठा ठेकेदार, दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप, निष्पक्ष जांच के बाद हो पाएगा खुलासा।

 

शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके रामनिवास चौक में फ्लाई ओवर के नीचे सड़क में अनशन पर बैठा एक बीमार अशक्त व्यक्ति जो खुद का नाम मोहम्मद मंजूर निवासी सोनुमुड़ा बजरंग पारा का रहने वाला बता रहा है। वह बीते दो दिनों से बिना कुछ खाए पिए ही राम निवास टाकीज चौक पर अग्रसेन महाराज की मूर्ति के पास ही अपनी मांगों वाली कुछ पोस्टर को बिखेर कर लेटा है। उसे इस हाल में देखकर शहर के लोग उसके पास जाकर उसका हालचाल पूछते हैं।
इस क्रम में आज कुछ मीडिया कर्मियों की नजर भी पीड़ित पर पड़ी। उसे इस तरह यहां बेहाल पड़े रहने की वजह पूछी तो उसने शहर के दो चित- परिचित कारोबारियों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए। उसने यह बताया कि आज उसकी इस दयनीय हालत के लिए भी वही दोनों शख्स जिम्मेदार है।
पीड़ित ने उनका नाम सुनील अग्रवाल CA और संजय अग्रवाल कारोबारी बताया।
युवक का आरोप है कि दोनों ने उससे करीब 1 करोड़ रु का काम करवाने के बाद उसे भुगतान नहीं किया। उनकी बेईमानी की वजह से वह वर्ष 2014-15 से उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। उसने दोनों के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में ठगी और बेईमानी की शिकायत भी की थी,परन्तु उनकी ऊंची रसूख के चलते उसे अब तक न्याय नही मिला। इधर इस बड़ी बेईमानी की वजह से उसका घर-जमीन और जमा पूंजी देनदारों का कर्ज चुकाने में निकल गई। ऊपर से उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ने और मानसिक परेशानी के कारण वह लकवा ग्रस्त हो गया। वर्तमान में उसके शरीर का निचला हिस्सा काम नही कर रहा है इसलिए उसका उठ बैठ पाना सम्भव नही है। फिर भी वह इस आस में यहां पूरे दिन भूखे-प्यासे लेटा रहता है कि शायद किसी की मदद से शहर के दो तथाकथित सफेद पोश कारोबारियों के पास फंसे उसके पैसे मिल जाएं।

देखिये क्या कहता है मोहम्मद मंजूर पीड़ित अनशनकारी

 

वही जब इस विषय में हमने सुनील अग्रवाल सीए बात की तो उन्होंने बताया कि उनके ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह सरासर निराधार आरोप है कोई षडयंत्र पूर्वक उनको बदनाम करने की साजिश कर रहा है और अगर वह किसी का पैसा लग रहे हैं तो उसे न्यायालय की शरण में जाना चाहिए ना कि इस प्रकार से छवि खराब करने के लिए आमरण अनशन करना चाहिए उन्होंने यह भी बताया कि उल्टा उन्हें उस अनशन कारी ठेकेदार से लाखों रुपए लेने हैं जो कि वह नहीं दे रहा है और उल्टा इस प्रकार उल्टे हरकत कर रहा है उन्होंने कहा कि शासन इस पर निष्पक्ष जांच कराएं जिससे सच सामने आ सके।

देखिये क्या कहते हैं सुनील अग्रवाल सीए ( जिनके ऊपर आरोप लगे है।)

 

हालांकि अभी इस मामले में दूसरे पक्ष की बात सामने आ पाई है। परन्तु यह भी उतना ही बड़ा सच है कि कोई भी मजबूर और नि:शक्त इंसान बिना किसी वजह के इस तरह अपनी मांग को लेकर सड़क पर नही आ बैठता है। अब भविष्य में देखने होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या निर्णय लेती है और जांच के पश्चात भी दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा।

 

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